| | - Teacher Name : Rakesh
- Total Questions : 15
- Time Allowed : 60
- Total Marks : 15
Q 1 :संत रैदास की भक्ति भावना में क्या प्रमुख है? Q 2 :संत रैदास 'तीरथ बरत न करूँ अंदेसा' से क्या संदेश देना चाहते हैं? Q 3 :संत रैदास के अनुसार आंतरिक भक्ति का क्या महत्व है? Q 4 :संत रैदास के अनुसार भक्ति का असली रूप क्या है? Q 5 :संत रैदास का कौन-सा पद भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत है? Q 6 :संत रैदास के अनुसार भक्त और भगवान का संबंध किस प्रकार का है? Q 7 :संत रैदास की भक्ति का मुख्य आधार क्या है? Q 8 :जहँ जहँ जाओ तुम्हरी पूजा' से ईश्वर के किस स्वरूप का ज्ञान होता है? Q 9 :पंक्ति 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी' का क्या अर्थ है? Q 10 :प्रभु जी तुम चंदन हम पानी' में किस भाव का चित्रण है? Q 11 :तुम दीपक हम बाती' का क्या संदेश है? Q 12 :भक्त और भगवान के संबंध को किस उपमा से समझाया गया है? Q 13 :जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ' का क्या अर्थ है? Q 14 :संत रैदास की रचनाओं में प्रतीकों का क्या महत्व है? Q 15 :संत रैदास किस प्रकार की भक्ति को महत्व देते हैं?
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